डायरेक्टलिंक_3 प्रत्यक्ष यूआरएल https://www.cpmrevenuegate.com/s9z8i5rpd?key=0fff061e5a7ce1a91ea39fb61ca61812 डायरेक्टलिंक_1 प्रत्यक्ष यूआरएल https://www.cpmrevenuegate.com/vy0q8dnhx?key=096a4d6815ce7ed05c0ac0addf282624 डायरेक्टलिंक_2 प्रत्यक्ष यूआरएल https://www.cpmrevenuegate.com/h00w82fj?key=

बुधवार, 18 दिसंबर 2024

# लोडिंग एनिमेशन (Loading Animation) कोड"

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"प्रोग्रेस ओवरले (Progress Overlay) कोड"


"लोडिंग एनिमेशन (Loading Animation) कोड"


"प्रोग्रेस बार (Progress Bar) कोड"


यह शीर्षक इस कोड के उद्देश्य और कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

👉 z-index: 1000;

}


#progressOverlay > div {

position: absolute;

top: 50%;

left: 50%;

transform: translate(-50%, 

✍️यह कोड एक HTML पेज का है, जिसमें एक प्रगति ओवरले (प्रोग्रेस ओवरले) बनाने के लिए CSS और HTML का उपयोग किया गया है।




👉इस कोड में, एक डिव एलिमेंट (#progressOverlay) बनाया गया है, जिसमें एक अन्य डिव एलिमेंट है, जिसमें "Thinking..." टेक्स्ट है। इस ओवरले को स्क्रीन के बीच में सेंटर किया गया है, और इसका बैकग्राउंड कलर व्हाइट है, जिससे यह ओवरले स्क्रीन पर दिखाई देता है।


इसके अलावा, इस कोड में एक यूट्यूब वीडियो एम्बेड किया गया है, जो एक सेपरेटर एलिमेंट के अंदर है।


-50%);

color: white;

font-size: 20px;

}

</style>

<div id="progressOverlay">

<div>Thinking...</div>

</div>


</body></html>

<div class="separator" style="clear: both; text-align: center;"><iframe allowfullscreen="" class="BLOG_video_class" height="266" src="https://www.youtube.com/embed/Wr4wCddPJE8" width="320" youtube-src-id="Wr4wCddPJE8"></iframe></div><br />


👉यह कोड एक प्रगति ओवरले (प्रोग्रेस ओवरले) बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, जो वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन में उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है जब कोई प्रक्रिया चल रही होती है।


👉इसके कुछ विशेष उपयोग हैं:👇


1. *लोडिंग एनिमेशन*: जब कोई वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन डेटा लोड कर रहा होता है, तो यह ओवरले उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।

2. *प्रगति इंडिकेटर*: जब कोई प्रक्रिया चल रही होती है, जैसे कि फ़ाइल अपलोड या डेटा प्रोसेसिंग, तो यह ओवरले उपयोगकर्ताओं को प्रगति के बारे में सूचित करता है।

3. *उपयोगकर्ता अनुभव*: यह ओवरले उपयोगकर्ताओं को एक बेहतर अनुभव प्रदान करता है, क्योंकि यह उन्हें प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें प्रगति के बारे में सूचित करता है।

4. *वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन की गति*: यह ओवरले वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन की गति को बढ़ाता है, क्योंकि यह उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है और उन्हें प्रगति के बारे में सूचित करता है।


👉यह कोड एक प्रगति ओवरले (प्रोग्रेस ओवरले) बनाने के लिए उपयोग किया जाता है, जो वेबसाइट या वेब एप्लिकेशन में उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है जब कोई प्रक्रिया चल रही होती है।


👉यहाँ इसका उपयोग करने के चरण हैं:👇


# चरण 1: HTML कोड जोड़ें

पहले, आप अपने HTML पेज में निम्नलिखित कोड जोड़ें:

```

<div id="progressOverlay">

  <div>Thinking...</div>

</div>

```

👉यह कोड एक डिव एलिमेंट बनाता है जिसमें एक अन्य डिव एलिमेंट है, जिसमें "Thinking..." टेक्स्ट है।


# चरण 2: CSS कोड जोड़ें

इसके बाद, आप अपने CSS फ़ाइल में निम्नलिखित कोड जोड़ें:

```

#progressOverlay {

  position: fixed;

  top: 0;

  left: 0;

  width: 100%;

  height: 100%;

  background-color: rgba(0, 0, 0, 0.5);

  z-index: 1000;

}


#progressOverlay > div {

  position: absolute;

  top: 50%;

  left: 50%;

  transform: translate(-50%, -50%);

  color: white;

  font-size: 20px;

}

```

👉यह कोड प्रगति ओवरले को स्टाइल करता है और इसे स्क्रीन के बीच में सेंटर करता है।👇


# चरण 3: जावास्क्रिप्ट कोड जोड़ें

अगर आप चाहते हैं कि प्रगति ओवरले को प्रोग्रामेटिक रूप से दिखाया या छुपाया जाए, तो आप जावास्क्रिप्ट कोड का उपयोग कर सकते हैं:

```

// प्रगति ओवरले दिखाने के लिए

document.getElementById('progressOverlay').style.display = 'block';


// प्रगति ओवरले छुपाने के लिए

document.getElementById('progressOverlay').style.display = 'none';

```

👉यह कोड प्रगति ओवरले को दिखाने या छुपाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।👇


यह कोड एंड्रॉयड और डेक्सटॉप पर अलग-अलग विधियों से कार्य करता है, क्योंकि दोनों प्लेटफ़ॉर्मों में अलग-अलग तकनीकी और आर्किटेक्चर हैं।


*एंड्रॉयड पर:*


👉एंड्रॉयड पर, यह कोड एक वेबव्यू या एक एक्टिविटी में एम्बेड किया जा सकता है। जब उपयोगकर्ता एक बटन या एक लिंक पर क्लिक करता है, तो यह कोड एक प्रगति ओवरले को दिखाने के लिए जावास्क्रिप्ट कोड का उपयोग कर सकता है।


👉एंड्रॉयड पर, यह कोड निम्नलिखित तकनीकों का उपयोग कर सकता है:👇


👉- वेबव्यू: एक वेबव्यू एक एंड्रॉयड एप्लिकेशन में एक वेब पेज को एम्बेड करने की अनुमति देता है।

👉- एक्टिविटी: एक एक्टिविटी एक एंड्रॉयड एप्लिकेशन में एक यूज़र इंटरफ़ेस को परिभाषित करने की अनुमति देती है।

👉- जावास्क्रिप्ट: जावास्क्रिप्ट एक प्रोग्रामिंग भाषा है जो वेब पेजों में उपयोग की जाती है।


👉*डेक्सटॉप पर:*👇


👉डेक्सटॉप पर, यह कोड एक वेब पेज में एम्बेड किया जा सकता है। जब उपयोगकर्ता एक बटन या एक लिंक पर क्लिक करता है, तो यह कोड एक प्रगति ओवरले को दिखाने के लिए जावास्क्रिप्ट कोड का उपयोग कर सकता है।


👉डेक्सटॉप पर, यह कोड निम्नलिखित तकनीकों का उपयोग कर सकता है:


👉- एचटीएमएल (HTML): एचटीएमएल एक मार्कअप भाषा है जो वेब पेजों को परिभाषित करने की अनुमति देती है।

👉- सीएसएस (CSS): सीएसएस एक स्टाइल शीट भाषा है जो वेब पेजों को स्टाइल करने की अनुमति देती है।

👉- जावास्क्रिप्ट: जावास्क्रिप्ट एक प्रोग्रामिंग भाषा है जो वेब पेजों में उपयोग की जाती है।


👉यहाँ कुछ कार्यों के उदाहरण हैं जो एंड्रॉयड और डेक्सटॉप पर किए जा सकते हैं और उनके संपन्न होने के समय के बारे में जानकारी है:👇


# एंड्रॉयड पर किए जा सकने वाले कार्य

1. *प्रगति ओवरले दिखाना*: 1-2 सेकंड

2. *वेब पेज लोड करना*: 2-5 सेकंड

3. *डेटा प्रोसेसिंग करना*: 5-30 सेकंड (डेटा की मात्रा पर निर्भर करता है)

4. *फ़ाइल अपलोड करना*: 10-60 सेकंड (फ़ाइल की आकार पर निर्भर करता है)

5. *डेटाबेस से डेटा प्राप्त करना*: 2-10 सेकंड (डेटाबेस की गति पर निर्भर करता है)


# डेक्सटॉप पर किए जा सकने वाले कार्य

1. *प्रगति ओवरले दिखाना*: 1-2 सेकंड

2. *वेब पेज लोड करना*: 2-5 सेकंड

3. *डेटा प्रोसेसिंग करना*: 5-30 सेकंड (डेटा की मात्रा पर निर्भर करता है)

4. *फ़ाइल अपलोड करना*: 10-60 सेकंड (फ़ाइल की आकार पर निर्भर करता है)

5. *डेटाबेस से डेटा प्राप्त करना*: 2-10 सेकंड (डेटाबेस की गति पर निर्भर करता है)


👉यह ध्यान रखें कि ये समय अनुमानित हैं और वास्तविक समय कार्य की जटिलता, डेटा की मात्रा, और सिस्टम की गति पर निर्भर करता है।👇


👉हाँ, यह कोड और इसके समान अन्य कोड के कई अन्य विशेष प्रयोग भी हो सकते हैं। यहाँ कुछ उदाहरण हैं:👇


👉# वेब डेवलपमेंट में प्रयोग

1. _लोडिंग एनिमेशन_: यह कोड लोडिंग एनिमेशन बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।

2. _प्रगति इंडिकेटर_: यह कोड प्रगति इंडिकेटर बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रगति के बारे में सूचित करता है।

3. _मॉडल विंडो_: यह कोड मॉडल विंडो बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है।


👉# मोबाइल एप्लिकेशन में प्रयोग

1. _लोडिंग स्क्रीन_: यह कोड लोडिंग स्क्रीन बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।

2. _प्रगति इंडिकेटर_: यह कोड प्रगति इंडिकेटर बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रगति के बारे में सूचित करता है।

3. _मॉडल विंडो_: यह कोड मॉडल विंडो बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है।


👉# डेस्कटॉप एप्लिकेशन में प्रयोग

1. _लोडिंग स्क्रीन_: यह कोड लोडिंग स्क्रीन बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रतीक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।

2. _प्रगति इंडिकेटर_: यह कोड प्रगति इंडिकेटर बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को प्रगति के बारे में सूचित करता है।

3. _मॉडल विंडो_: यह कोड मॉडल विंडो बनाने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जो उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त जानकारी प्रदान करता है।


👉यहाँ कुछ विधियाँ हैं जिनका उपयोग आप लोडिंग स्क्रीन, प्रगति इंडिकेटर, और मॉडल विंडो बनाने के लिए कर सकते हैं:👇


👉# लोडिंग स्क्रीन बनाने के लिए


1. _एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करें_: आप एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करके एक लोडिंग स्क्रीन बना सकते हैं।

2. _जावास्क्रिप्ट का उपयोग करें_: आप जावास्क्रिप्ट का उपयोग करके एक लोडिंग स्क्रीन बना सकते हैं।

3. _लोडिंग स्क्रीन लाइब्रेरी का उपयोग करें_: आप लोडिंग स्क्रीन लाइब्रेरी का उपयोग करके एक लोडिंग स्क्रीन बना सकते हैं।


👉# प्रगति इंडिकेटर बनाने के लिए👇


1. _एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करें_: आप एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करके एक प्रगति इंडिकेटर बना सकते हैं।

2. _जावास्क्रिप्ट का उपयोग करें_: आप जावास्क्रिप्ट का उपयोग करके एक प्रगति इंडिकेटर बना सकते हैं।

3. _प्रगति इंडिकेटर लाइब्रेरी का उपयोग करें_: आप प्रगति इंडिकेटर लाइब्रेरी का उपयोग करके एक प्रगति इंडिकेटर बना सकते हैं।


👉# मॉडल विंडो बनाने के लिए


1. _एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करें_: आप एचटीएमएल और सीएसएस का उपयोग करके एक मॉडल विंडो बना सकते हैं।

2. _जावास्क्रिप्ट का उपयोग करें_: आप जावास्क्रिप्ट का उपयोग करके एक मॉडल विंडो बना सकते हैं।

3. _मॉडल विंडो लाइब्रेरी का उपयोग करें_: आप मॉडल विंडो लाइब्रेरी का उपयोग करके एक मॉडल विंडो बना सकते हैं।

गुरुवार, 12 दिसंबर 2024

# वृक्क या किडनी को अच्छा करने के लिए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा

z-index: 1000; } #progressOverlay > div { position: absolute; top: 50%; left: 50%; transform: translate(-50%, -50%); color: white; font-size: 20px; }
Thinking...



 केवल वृक्क या किडनी को अच्छा करने के लिए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद में कई उपाय हैं उनमें से कुछ यहां देखें:



1. *योग षटकर्म*:

   वारिसार धौति क्रिया, लघु शंखप्रक्षालन, सहज अग्निसार प्रकार 1, एवं 2, सहज कपालभाति 

2. *योगासन*:

 *वज्रासन*:  वृक्क या किडनी को सशक्त बनाता है और पाचन तंत्र को उन्नत करता है।

 *भुजंगासन*: वृक्क या किडनी को  सक्रिय करता है और रक्त प्रवाह में वृद्धि करता है।

*पवनमुक्तासन*: वृक्क या किडनी को स्वच्छ करता है और विषाक्त पदार्थों को मूत्र मार्ग से बाहर निकालता है।

*सर्वांगासन* इस आसन को करने से शरीर में गुरुत्व प्रभाव के कारण वृक्क क्रिया में शीघ्र सुधार हो उन्नत करता है साथ ही मुद्राओं का भी अभ्यास करें। यदि सर्वांगासन सम्भव न हो तो आयंगर की तकनीकों का प्रयास करें।

*शवासन*: वृक्क या किडनी को विश्रांति देता है और तनाव तथा दबाव को कम करता है।


3.*आयुर्वेद*:


*गोखरू*: वृक्क या किडनी को सशक्त बनाता है और अश्मरी या किडनी स्टोन बनने की प्रक्रिया को रोकता है।

 *पुनर्नवा*: वृक्क या किडनी को स्वच्छ करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

 *वरुण*: वृक्क या किडनी को सक्रिय करता है और रक्त प्रवाह तथा नेफ्रोंस को पोषण बढ़ाता है।

*कालमेघ*: वृक्क या किडनी को स्वच्छ करता है और शरीर में उत्पन पदार्थों को बाहर निकालता है।

4.*प्राकृतिक चिकित्सा*

   *वस्ति कर्म से मलाशय को स्वच्छ   रखें। इससे अपान वायु दूषित नहीं हो पायेगी और वृक्क पर पड़ने वाला अनावश्यक दबाव नहीं होगा।

* ठंडा या गर्म ठंडा कटि स्नान ऋतु अनुसार 10 से 20 मिनिट्स का करें, ध्यान रखें पैर गीले न हों। 

* मेहन स्नान 7 से 10 मिनिट्स का करें जो जीवनी शक्ति को बढ़ाता है। 

* *गैस्ट्रो हेपेटिक पैक दिन में दो बार लगाएं।

* गर्म अर्ध इमर्शन बाथ 35 से 40डिग्री सेल्सियस का प्रतिदिन करें। यह वृक्क को आजीवन स्वच्छ रखेगा।

5.*भोजन आहार*:


 *पानी पीना*: वृक्क या किडनी को स्वच्छ रखने के लिए कम से कम ढाई से तीन लिटर तक पर्याप्त पानी पीना चाहिए।

*नींबू पानी और शहद*: वृक्क या किडनी को सक्रिय करता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है।

 *पालक और मूली का साग*: वृक्क या किडनी को सुदृढ़ बनाता है और पाचन तंत्र को सुधार कर मलोत्सर्जन ठीक रखता है।

*गाय का दही और फल*: वृक्क या किडनी को सक्रिय बनाए रखता है और विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल कर अम्ल और क्षार में संतुलन बनाए रखता है।


इनका उल्लेख निम्नलिखित ग्रंथों में उपलब्ध है:


# योग और प्राकृतिक चिकित्सा

1. _योग सूत्र_: पतंजलि द्वारा रचित, जिसमें योग के विभिन्न आसनों और प्राणायामों का वर्णन है।

2. _हठयोग प्रदीपिका_: स्वामी स्वत्माराम द्वारा रचित, जिसमें हठयोग के विभिन्न आसनों और प्राणायामों का वर्णन है।

3. _अष्टांग हृदयम्_: वाग्भट्ट द्वारा रचित, जिसमें आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।


# आयुर्वेदिक उपचार

1. _चरक संहिता_: चरक द्वारा रचित, जिसमें आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।

2. _सुश्रुत संहिता_: सुश्रुत द्वारा रचित, जिसमें आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।

3. _अष्टांग हृदयम्_: वाग्भट्ट द्वारा रचित, जिसमें आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।


# आहार और पेय

1. _आयुर्वेदिक आहार_: चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में आयुर्वेदिक आहार के विभिन्न पहलुओं का वर्णन है।

2. _प्राकृतिक चिकित्सा_: प्राकृतिक चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं का वर्णन विभिन्न प्राकृतिक चिकित्सा ग्रंथों में है।

ध्यान रखें कि ये उपाय केवल सुझाव हैं और वृक्क या किडनी की समस्याओं के लिए चिकित्सक का परामर्श लेना आवश्यक है।

डॉ त्रिभुवन नाथ श्रीवास्तव, पूर्व प्राचार्य, विवेकानंद योग प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, बाजोर, सीकर, राजस्थान

शनिवार, 7 दिसंबर 2024

भारतीय सेना के जूते की कराहती गाथा!,और कॉंग्रेस?

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👉👉👉 🪷 फ़ोटो सौजन्य से गुगल पोस्ट 🪷👉👉👉


 😳 भारतीय सेना के जूते की कराहती गाथा!,👇

और कॉंग्रेस की उस समय की सरकार और मंत्रालय के काले खेल*👇🏼मुझे खेद है, लेकिन मेरे पास इस लेख के प्रकाशन के संबंध में कोई प्रथम प्रकाशित तथ्य उपलब्ध नहीं है। हां, मैं आपको बता सकता हूं कि यह लेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से साझा किया गया है, लेकिन इसके मूल स्रोत और लेखक के नाम के बारे में कोई ज्ञान उपलब्ध नहीं है। इसे पुनः प्रकाशित करने का उद्देश्य यही है कि कैसे कैसे पूर्व की भारत देश सरकारों ने देश की अर्थव्यवस्था को खोखला बना दिया था।

भारत, राजस्थान, 👉जयपुर की कंपनी सेना के लिए जूते बनाती है, 👉और आगे "वह जूते इस्राइल को बेचे जाते थे", उसके उपरान्त👉 "इजराइल वही जूते भारत को बेचता था"👉

  👉और वहीं जूते पुनः भारतीय सैनिकों को प्राप्त होते थे !

अर्थात् भारत का कांग्रेसी शासन के काल का सैन्य मंत्रालय एक नग जूते के **Rs. 25,000/-** देता था और यही क्रम काँग्रेस द्वारा कई वर्षों से चलाया जा रहा था।

जैसे ही पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, भाजपा की सरकार में,को यह पता चला, वो चौंके और क्रोधित हो गए ..।👇

👉और तुरंतउन्होंने ,जयपुर कंपनी के CEO को बुलाया और **कारण पूछा, तो उत्तर मिला : 

*"भारत को सीधे जूते बेचने पर, भारत का सरकारी तंत्र वर्षों तक जूतों का मूल्य नहीं चुकाता था।*👇


👉 इसलिए हम दूसरे देशों में जूते निर्यात करने लगे" 🤣


मनोहर पर्रिकर ने कहा : *" एक दिन भी भुगतान विलम्ब से होता है तो आप मुझे तुरंत फोन कीजिए, बस,

👉 आपको हमें सीधे जूते बेचना है, आप मूल्य प्रति जोड़ी बताएं"*👇

इस प्रकार अन्ततः मनोहर पर्रिकर जी ने वही जूते मात्र *2200/-* में  सेना हेतु सुनिश्चित किया !!

सोचिए ... जूते के *25,000/-* देकर काँग्रेस ने वर्षों तक  कितनी लूट मचा कर सरकारी कोष की लूट मचा रखी थी !! 😡

___________________

विश्वास नहीं हुआ ना?? कोई बात नहीं RTI लगाइए या Google खँगालिये।।।

.😎😎😎Google सर्च पर बस इतना लिखिए👉 *भारतीय सेना के जूते की गाथा* सच सामने होगा👍

 👉 निष्कर्ष 👇 

भारतीय सेना के जूते की कराहती गाथा वास्तव में चौंकाने वाली है। यह मामला कांग्रेस सरकार के समय का है, जब जयपुर की एक कंपनी सेना के लिए जूते बनाती थी। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि यह जूते पहले इस्राइल को बेचे जाते थे, और  इस्राइल वही जूते भारत को बेचता था और तो और, भारतीय सेना को यह जूते 25,000 रुपये प्रति जोड़ी के मूल्य से मिलते थे।


लेकिन जब यह तथ्य पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर के सामने आया, तो उन्होंने तुरंत जयपुर कंपनी के सीईओ को बुलाया और इसका कारण पूछा। कंपनी के सीईओ ने बताया कि भारत सरकार का तंत्र वर्षों तक जूतों का मूल्य नहीं चुकाता था, इसलिए उन्हें दूसरे देशों में जूते निर्यात करने पड़ते थे।


मनोहर पर्रिकर ने तुरंत इस समस्या का समाधान निकाला और कंपनी को सीधे जूते बेचने के लिए कहा। इसके उपरान्त, भारतीय सेना को यह जूते मात्र 2,200 रुपये प्रति जोड़ी के मूल्य से मिलने लगे। यह एक बड़ा शासकीय परिवर्तन था, क्योंकि इसके पूर्व केवल लूट थी और इससे भारतीय सेना को बहुत लाभ हुआ।


शुक्रवार, 6 दिसंबर 2024

चैट हेडर डिज़ाइन: एक आकर्षक और प्रभावी प्रकार"

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#chatHeader { width: 100%; padding: 10px; margin-bottom: 20px; border-radius: 8px; border: none; color: white; text-align: center; font-size: 16px; cursor: pointer; background-image: linear-gradient(to right, #6a11cb 0%, #2575fc 100%); https://515167.click-allow.top


इस ब्लॉग पोस्ट की हेडिंग और उपयोगिता निम्नलिखित हो सकती हैं: 

 "चैट हेडर डिज़ाइन: एक आकर्षक और प्रभावी प्रकार" #

 उपयोगिता: 
 1. वेब डिज़ाइनर्स और डेवलपर्स के लिए एक उपयोगी गाइड जो उन्हें चैट हेडर डिज़ाइन करने में सहायक  है।

 2. ब्लॉगर्स और वेबसाइट मालिकों के लिए एक उपयोगी संसाधन जो उन्हें अपनी वेबसाइट पर एक आकर्षक और प्रभावी चैट हेडर बनाने में मदद करता है।

 3. वेब डिज़ाइन के छात्रों और पेशेवरों के लिए एक उपयोगी संदर्भ जो उन्हें चैट हेडर डिज़ाइन के बारे में अधिक जानने में सहायता करता है।

यह एक CSS स्टाइल शीट का एक भाग है, जो एक वेब पेज के एक तत्व को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जाता है। यहाँ इस कोड का विस्तार से विश्लेषण किया गया है:

chatHeader {/* यहाँ पर 
width,
 padding, margin-bottom, 
border-radius, 
border, 
color, 
text-align, 
font-size, 
cursor और 
background-image जैसे प्रॉपर्टीज़ को परिभाषित किया गया है। */

/* यह तत्व की चौड़ाई को 100% सेट करता है, जिसका अर्थ है कि यह तत्व अपने पैरेंट एलिमेंट की पूरी चौड़ाई लेगा। 
*/width: 100%;

/* यह तत्व के आंतरिक भाग में 10 पिक्सल का पैडिंग जोड़ता है, जिससे तत्व के आंतरिक भाग में कुछ रिक्त स्थान बन जाता है। */
padding: 10px;

/* यह तत्व के नीचे 20 पिक्सल का मार्जिन जोड़ता है, जिससे तत्व के नीचे कुछ स्थान बन जाता है। */
margin-bottom: 20px;

/* यह तत्व के कोनों को 8 पिक्सल के रेडियस के साथ गोल बनाता है, जिससे तत्व के कोने अधिक आकर्षक दिखाई देते हैं। */
border-radius: 8px;

/* यह तत्व की बॉर्डर को हटा देता है, जिससे तत्व के चारों ओर कोई बॉर्डर नहीं दिखाई देती है। */
border: none;

/* यह तत्व के टेक्स्ट का रंग श्वेत या धवल या white सेट करता है। */
color: white;

/* यह तत्व के टेक्स्ट को केंद्र में संरेखित करता है। */
text-align: center;

/* यह तत्व के टेक्स्ट का फ़ॉन्ट साइज़ 16 पिक्सल सेट करता है। */
font-size: 16px;

/* यह तत्व के कर्सर को पॉइंटर में बदलता है, जिससे उपयोगकर्ता को यह पता चलता है कि यह तत्व क्लिक करने योग्य है। */
cursor: pointer;

/* यह तत्व की पृष्ठभूमि में एक रंगीन ग्रेडिएंट जोड़ता है, जो बाएं से दाएं तक #6a11cb से #2575fc तक बदलता है। */
background-image: linear-gradient(to right, #6a11cb 0%, #2575fc 100%);
}

यह CSS कोड एक वेब पेज के एक तत्व को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जैसे कि 
एक हेडर, 
एक बटन, या 
एक अन्य प्रकार का तत्व। 
यहाँ कुछ अन्य उपयोग हैं जिनके लिए यह कोड उपयुक्त हो सकता है:

1. *हेडर डिज़ाइन*: 
यह कोड एक वेब पेज के हेडर को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक आकर्षक बैकग्राउंड, टेक्स्ट का रंग और फ़ॉन्ट साइज़ सम्मिलित हो सकता है।

2. *बटन डिज़ाइन*: 
यह कोड एक वेब पेज के बटन को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक आकर्षक बैकग्राउंड, टेक्स्ट का रंग और फ़ॉन्ट साइज़ सम्मिलित हो सकता है।

3. *नेविगेशन मेनू डिज़ाइन*: 
यह कोड एक वेब पेज के नेविगेशन मेनू को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक आकर्षक बैकग्राउंड, टेक्स्ट का रंग और फ़ॉन्ट साइज़ सम्मिलित हो सकता है।

4. *फुटर डिज़ाइन*: 
यह कोड एक वेब पेज के फुटर को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक आकर्षक बैकग्राउंड, टेक्स्ट का रंग और फ़ॉन्ट साइज़ सम्मिलित हो सकता है।

5. *विजेट डिज़ाइन*: 
यह कोड एक वेब पेज के विजेट को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है, जिसमें एक आकर्षक बैकग्राउंड, टेक्स्ट का रंग और फ़ॉन्ट साइज़ सम्मिलित हो सकता है।

यह CSS कोड एक वेब पेज के एक तत्व को डिज़ाइन करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। यहाँ कुछ चरण दिए गए हैं जिनका पालन करके आप इस कोड का उपयोग कर सकते हैं:

1. *HTML फ़ाइल बनाएं*:
 सबसे पहले, एक HTML फ़ाइल बनाएं जिसमें आप अपना तत्व बनाना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, आप एक डिव एलिमेंट बना सकते हैं जिसे आप डिज़ाइन करना चाहते हैं।

```
<div class="chatHeader">चैट हेडर</div>
```

1. *CSS फ़ाइल बनाएं*: 
एक CSS फ़ाइल बनाएं जिसमें आप अपने तत्व के लिए स्टाइल्स लिखना चाहते हैं। उदाहरण के लिए, आप एक स्टाइलशीट बना सकते हैं जिसमें आप अपने चैट हेडर के लिए स्टाइल्स लिखना चाहते हैं।

```
.chatHeader {
  /* यहाँ पर आपके द्वारा दिया गया कोड जोड़ें */
  width: 100%;
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  margin-bottom: 20px;
  border-radius: 8px;
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  text-align: center;
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}
```

1. *HTML फ़ाइल में CSS फ़ाइल को लिंक करें*:
 अपनी HTML फ़ाइल में CSS फ़ाइल को लिंक करने के लिए एक लिंक टैग का उपयोग करें।

```
<head>
  <link rel="stylesheet" type="text/css" href="styles.css">
</head>
```

1. *वेब पेज को देखें*: 
अपने वेब पेज को देखने के लिए एक वेब ब्राउज़र में अपनी HTML फ़ाइल को खोलें। आपको अपने चैट हेडर को डिज़ाइन किया हुआ दिखना चाहिए।

निष्कर्ष:

इस लेख में, हमने चैट हेडर डिज़ाइन के बारे में चर्चा की और एक उदाहरण के रूप में एक CSS कोड प्रदान किया। हमने यह भी देखा कि इस कोड को एक ब्लॉग पोस्ट में कैसे जोड़ा जा सकता है और इसकी उपयोगिता क्या हो सकती है।

इस लेख से हमें यह निष्कर्ष निकलता है कि चैट हेडर डिज़ाइन एक महत्वपूर्ण पहलू है जो वेबसाइट की उपयोगकर्ता अनुभव को प्रभावित कर सकता है। एक अच्छा डिज़ाइन न केवल वेबसाइट को आकर्षक बनाता है, बल्कि यह उपयोगकर्ताओं को वेबसाइट के साथ बातचीत करने में भी सक्षम करता है।

इस लेख को पढ़ने के बाद, पाठकों को यह समझने में  सहायता मिलेगी कि चैट हेडर डिज़ाइन कैसे किया जाता है और इसकी उपयोगिता क्या हो सकती है।

मंगलवार, 26 नवंबर 2024

*🍁 गाय का जूठा गुड़ 🍁

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 🍁 गाय का जूठा गुड़ 🍁*एक मर्मस्पर्शक, प्रेरणादायक कहानी।

🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷🪷

*एक विवाह के निमंत्रण पर जाना था, पर मैं जाना नहीं चाहता था।

                    भारतीय गौमाता का सुन्दर चित्र 
               नंदिनी गौशाला में भारतीय गायों का समूह 

*एक व्यस्त होने का युक्ति और दूसरा गांव के विवाह में सम्मिलित होने से बचना..लेक‌िन घर परिवार का दबाव था सो जाना पड़ा।*


*उस दिन विवाह की प्रातः में काम से बचने के लिए प्रातः भ्रमण करने के इच्छा से दो- तीन किलोमीटर दूर जा कर मैं गांव को जाने बाली सड़क पर बैठा हुआ था, हल्की हवा और प्रातः का सुन्दर वातावरण बहुत ही अच्छा लग रहा था , पास के खेतों में कुछ गाय चारा खा रही थी कि तभी वहाँ एक लग्जरी कार गाड़ी  आकर रूकी,*और उसमें से एक वृद्ध उतरे, उनकी धनवानता उनके वस्त्रों और व्यक्तित्व दोनों व्यक्त कर रहे थे।*


*वे एक बड़ा सा थैला लेकर मुझसे कुछ दूर पर ही एक सीमेंट के चबूतरे पर बैठ गये, पॉलीथिन चबूतरे पर उंडेल दी, उसमे गुड़ भरा हुआ था, अब उन्होने आओ आओ करके पास में ही खड़ी ओर बैठी गायो को बुलाया, सभी गाय पलक झपकते ही उन वरिष्ठजन के चारों ओर ठीक ऐसे ही आ गई जैसे कई महीनो उपरान्त बच्चे अपने मांपिता को घेर लेते हैं, कुछ गाय को गुड़ उठाकर खिला रहे थे तो कुछ स्वयम् खा रही थी, वे बड़े प्रेम से उनके सिर पर गले पर हाथ फेर रहे थे।*


*कुछ ही देर में गाय अधिकांश गुड़ खाकर चली गई, इसके उपरान्त जो हुआ वो एक अद्भुत घटना हैं जिसे मैं जीवन पर्यन्त नहीं भुला सकता,*हुआ ऐसा कि गायो के गुड़ खाने के उपरान्त जो गुड़ बच गया था वो सज्जन उन टुकड़ो को उठा उठा कर खाने लगे, मैं उनकी इस क्रिया से अचंभित हुआ पर उन्होंने बिना किसी चिन्ता के कई टुकड़े खाये और अपनी गाडी की और चल पड़े।*

*मैं शीघ्र चलकर उनके पास पहुँचा और बोला श्रीमानजी क्षमा चाहता हूँ पर अभी जो हुआ उससे मेरा मस्तिष्क घूम गया, क्या आप मेरी इस जिज्ञासा को शांत करेंगे कि आप इतने धनी होकर भी गाय का झूठा गुड क्यों खाया ??*


*उनके मुख पर अब हल्की सी प्रसन्नता उभरी उन्होंने कार का द्वार वापस बंद करा और मेरे कंधे पर हाथ रख वापस सीमेंट के चबूतरे पर आ बैठे, और बोले ये जो तुम गुड़ के झूठे टुकड़े देख रहे हो ना बेटे मुझे इनसे स्वादिष्ट आज तक कुछ नहीं लगता।*


*जब भी मुझे समय मिलता हैं मैं प्रायः इसी स्थान पर आकर अपनी आत्मा में इस गुड की स्वादिष्ट मिठास को घोलता हूँ।*


*मैं अब भी नहीं समझा श्रीमान जी, कि ऐसा क्या हैं इस गुड में ???*

*वे बोले ये बात आज से कोई 40 वर्ष पूर्व की हैं उस समय मैं 22 वर्ष का था घर में ना समाप्त होने वाली आंतरिक कलह के कारण मैं घर से भाग आया था, परन्तु दुर्भाग्यवश ट्रेन में कोई मेरा सारा सामान और पैसे चोरी कर ले गया। इस अपरिचित से छोटे नगर में मेरा कोई नहीं था, भीषण गर्मी में रिक्त जेब के, दो दिन भूखे रहकर, इधर से उधर भटकता रहा, और सायं काल को भूख मुझे निगलने को आतुर थी।*


*तब इसी स्थान पर ऐसी ही एक गाय को एक महानुभाव गुड़ डालकर चले गए ,यहाँ एक पीपल का पेड़ हुआ करता था तब चबूतरा नहीं था, मैं उसी पेड़ की जड़ो पर बैठा भूख से व्याकुल हो रहा था, मैंने देखा कि गाय ने गुड़ छुआ तक नहीं और उठ कर वहां से चली गई, मैं कुछ देर किंकर्तव्यविमूढ़ सोचता रहा और मैंने वो सारा गुड़ उठा लिया और खा लिया। मेरी मृतप्राय आत्मा में प्राण से आ गये।*


 *मैं उसी पेड़ की जड़ो में रात भर पड़ा रहा, प्रातः जब मेरी आँख खुली तो पर्याप्त दिन हो चुका था, मैं नित्यकर्मो से मुक्त हो किसी काम की खोज में सारा दिन भटकता रहा पर दुर्भाग्य मेरा पीछा नहीं छोड़ रहा था, एक और थकान भरे दिन ने मुझे वापस उसी स्थान पर निराश, भूखा, खाली हाथ लौटा दिया।*


*सायं काल हो रही थी, कल और आज में कुछ भी तो नहीं परिवर्तन था, वही पीपल, वही भूखा मैं और वही गाय।*


*कुछ ही देर में वहाँ वही कल वाले सज्जन आये और कुछ गुड़ की डलिया गाय को डालकर चलते बने, गाय उठी और बिना गुड़ खाये चली गई, मुझे आश्चर्य लगा परन्तू मैं विवश था सो आज उस गुड को खा लिया,*और वही सो गया, प्रातः काम की खोज में निकल गया, आज संभवतः दुर्भाग्य की चादर मेरे सर पर नहीं थी सो एक ढ़ाबे पर मुझे काम मिल गया। कुछ दिन उपरान्त जब  स्वामी ने मुझे पहला वेतन दिया तो मैंने 1 किलो गुड़ ख़रीदा और किसी दिव्य शक्ति के वशीभूत 7 किलोमीटर पैदल चलकर उसी पीपल के पेड़ के नीचे आया।*

*इधर उधर दृष्टि दौड़ाई तो गाय भी दिख गई, मैंने सारा गुड़ उस गाय को डाल दिया, इस बार मैं अपने जीवन में सबसे अधिक चौंका क्योकि गाय सारा गुड़ खा गई, जिसका अर्थ था कि गाय ने 2 दिन पूर्व मेरे लिये ही गुड़ छोड़ा था।*मेरा हृदय भर उठा उस ममतामयि स्वरुप की ममता देखकर, मैं रोता हुआ पुनः ढ़ाबे पर कार्य हेतु पहुँचा,और अत्यधिक सोचता रहा। संयोग से एक दिन मुझे एक फर्म में कार्य भी मिल गया, दिन पर दिन मैं उन्नति और पद के शिखर चढ़ता गया।*

*विवाह हुआ, बच्चे हुये आज मैं स्वयं की पाँच फर्म का स्वामी हूँ, जीवन की इस लंबी यात्रा में मैंने कभी भी उस गाय माता को नहीं भुलाया , मैं नियमित यहाँ आता हूँ और इन गायो को गुड़ डालकर इनका झूँठा गुड़ खाता हूँ।* 


*मैं लाखो रूपए गौ शालाओं में दान भी देता हूँ , परन्तू मेरी मृगतृष्णा, मन की शांति यही आकर मिटती हैं, बेटे।*


*मैं देख रहा था वे बहुत भावुक हो चले थे, समझ गये अब तो तुम,*मैंने सिर हाँ में हिलाया, वे चल पड़े,गाडी स्टार्ट हुई और निकल गई ,मैं उठा उन्ही टुकड़ो में से एक टुकड़ा उठाया मुँह में डाला और विवाह में सम्मिलित होने के लिए सच्चे मन से चला गया।*

*सत्य में वो कोई साधारण गुड़ नहीं था।*उसमे कोई दिव्य मिठास थी जो जिह्वा के साथ आत्मा को भी मीठा कर गई थी।*

*घर आकर गाय के सम्बन्ध में और विस्तार से ज्ञानवर्धन किया और कुछ पुस्तकें पढ़ने के बाद जाना कि.....,*

*गाय गोलोक की एक अमूल्य निधि है, जिसकी रचना भगवान ने मनुष्यों के कल्याणार्थ आशीर्वाद रूप से की है।*


*ऋग्वेद में गौ को ‘अदिति’ कहा गया है। ‘दिति’ नाम नाश का प्रतीक है और ‘अदिति’ अविनाशी अमृतत्व का नाम है। अत: गौ को ‘अदिति’ कहकर वेद ने अमृतत्व का प्रतीक बतलाया है..!!*

*गौ माता की पूजा और रक्षा करो*।।

लोगों को भेजे और पुण्य प्राप्त करें।

सोमवार, 25 नवंबर 2024

सर्कोपेनिया एक गम्भीर समस्या और कुछ उपाय

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✍️ सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में  कमी आती है। यह लेख इस समस्या के बारे में जागरूकता को प्रसारित में सहायता करता है और इसके निवारण के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देता है।


मुख्य बिंदु:

1. खड़े रहने और चलने का  स्वभाव बनाए रखना चा और रीहिए।

2. अधिक बैठने और लेटने से बचना चाहिए।

3. चिकित्सालय में प्रवेशित रोगियों को अधिक विश्राम करने का परामर्श न दें।

4. सरकोपेनिया ऑस्टियोपोरोसिस से भी अधिक हानिकर है।

06. नियमित व्यायाम करना और पैदल चलना अति आवश्यक है।

7. पै211रों को सक्रिय और सशक्त रखना आवश्यक है।को0प्पपप0ओ9ओ आ


सुझाव:


- सीढ़ियाँ चढ़ना और उतरना नियमित करें।

- हल्की दौड़ भाग करते रहे।

- साइकिल चलाना, अभ्यास में डालें।, प्रतिदिन 30-40 मिनट टहलना।

सर्कोपीनिया के सम्बन्ध में कुछ सशक्त प्रमाण यह हैं :


1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सर्कोपीनिया एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में कमी आती रहती है।


2. अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (American Geriatrics Society) के अनुसार, सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% तक पाई गई है।


3. एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया से पीड़ित लोगों में मृत्यु दर 10-20% अधिक होती है। (स्रोत: Journal of Gerontology)


4. एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम करने से सर्कोपीनिया की दर में 30-50% की कमी आती है। (स्रोत: Journal of Aging Research)


5. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ जाती है।

इन प्रमाणों से यह स्पष्ट होता है कि सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में कमी लाती है, लेकिन नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

यहाँ कुछ वैज्ञानिक अनुसंधान हैं जो सर्कोपीनिया के सम्बन्ध में तथ्य प्रदान करते हैं :


1. *नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग (NIA)*

 द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया की समस्या आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में क्षरण के कारण होती है। (स्रोत: NIA, 2019)


2. *जर्नल ऑफ जरियाट्रिक्स* 

में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम करने से सर्कोपीनिया की दर में 30-50% की कमी  लाई जा सकती है। (स्रोत: Journal of Geriatrics, 2018)


3. *अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (AGS)* 

द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% है। (स्रोत: AGS, 2019)


4. *विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)* 

द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ती है। (स्रोत: WHO, 2018)


5. *जर्नल ऑफ एजिंग रिसर्च*

 में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया से पीड़ित लोगों में मृत्यु दर 10-20% अधिक होती है। (स्रोत: Journal of Aging Research, 2017)


इन वैज्ञानिक अनुसंधानों से यह स्पष्ट होता है कि सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में ह्रास के कारण होती है, लेकिन नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि से इस समस्या को कम किया जा सकता है।

यहाँ कुछ अन्य अनुसंधान डेटा हैं जो सर्कोपीनिया से संबंधित हैं:


*जर्नल ऑफ जरियाट्रिक्स*


- शीर्षक: "सर्कोपीनिया की दर और इसके परिणामों का अध्ययन"

- वर्ष: 2018

- परिणाम:

 सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% है।

- स्रोत: doi: 10.1093/gerona/gly044


*नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI)*


- शीर्षक: "सर्कोपीनिया और आयु बढ़ने के बीच संबंध"

- वर्ष: 2020

- परिणाम : 

सर्कोपीनिया आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में ह्रास के कारण होता है।

- स्रोत: doi: 10.1038/s41598-020-67244-4


*अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (AGS)*


- शीर्षक: "सर्कोपीनिया की पहचान और प्रबंधन"

- वर्ष: 2019

- परिणाम : 

सर्कोपीनिया की पहचान और प्रबंधन के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है।

- स्रोत: doi: 10.1111/jgs.15855


*विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)*


- शीर्षक: "आयु बढ़ने और शारीरिक गतिविधि का सम्बन्ध"

- वर्ष: 2018

- परिणाम: 

शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ती है।

- स्रोत: doi: 10.2471/BLT.18.211446

इस लेख को अपने 40 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठजन, मित्रों और संबंधियों को अवश्य भेजें  जिससे कि वे इस समस्या से जागरूक हो सकें और इसके निवारण के लिए उपचार का उपाय कर सकें।


सर्कोपेनिया समस्या के उपाय निम्नलिखित हैं:


* जीवनशैली में परिवर्तन करें *


1. *नियमित व्यायाम*:

 सर्कोपेनिया को रोकने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए नियमित व्यायाम अति महत्वपूर्ण है।

2. *शारीरिक गतिविधि*: 

शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपेनिया की समस्या बढ़ती है, इसलिए नियमित शारीरिक गतिविधि करना आवश्यक है।

3. *स्वस्थ और संतुलित भोजन *:

 स्वस्थ और पौष्टिक भोजन लेने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जो सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।

4. *पर्याप्त नींद*: 

पर्याप्त नींद लेने से शरीर को पर्याप्त विश्राम मिलता है और मांसपेशियों की पुनर्निर्माण होता है।


*योग और योग व्यायाम और अन्य गतिविधियाँ*


1. *मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाले व्यायाम*: 

मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाले व्यायाम, जैसे कि भार उठाना, सहज पुश-अप्स, और स्क्वाट्स, सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।

सर्कोपेनिया के लिए विशेष उपयोगी योग व्यायाम निम्नलिखित हैं:

जैसे सभी सन्धि योग व्यायाम, लेटकर या बैठकर , इन्हें विस्तार से स्वामी धीरेन्द्र ब्रम्हचारी द्वारा लिखित पुस्तक @ सूक्ष्म एवम् स्थूल शक्ति विकासक क्रियाएं जो क्रमशः संख्या में 48 और 05 हैं।

बिहार योग विद्यालय, मुंगेर, द्वारा प्रकाशित पुस्तक@ "पवनमुक्त आसन" शृंखला के योग व्यायाम, जो हिन्दी भाषा और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है।

उपरोक्त दोनों ही पुस्तक में जो योग व्यायाम दिए गए हैं वह सभी लोग बिना किसी असुविधा के अभ्यास कर सकते हैं।


*मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाने वाले कुछ अन्य व्यायाम*


1. *स्क्वाट्स*: 

यह व्यायाम पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।

2. * लंग्स * : 

यह व्यायाम पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाने में सहायता करता है। लंग्स एक प्रकार का व्यायाम है जो पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को टोनयुक्त बनाने के लिए किया जाता है। यह व्यायाम पैरों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, विशेषकर पैरों के सामने की मांसपेशियों के लिए। लंग्स व्यायाम करने के लिए, आपको निम्नलिखित विधि चरणों का पालन करना होगा :

1. अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखें।

2. अपने एक पैर को आगे बढ़ाएं और अपने दूसरे पैर को पीछे रखें।

3. अपने आगे के पैर को भूमि पर रखें और अपने पीछे के पैर को उठाएं।

4. अपने आगे के पैर को भूमि पर रखें और अपने पीछे के पैर को नीचे लाएं।

5. इस प्रक्रिया को दोहराएं और अपने पैरों को बदलते रहें।


लंग्स व्यायाम के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:


1. पैरों की मांसपेशियों को सशक्त बनाना।

2. कूल्हों की मांसपेशियों को टोनयुक्त बनाना।

3. संतुलन और समन्वय में सुधार और वृद्धि करना।

4. पैरों की  लोचकता या लचीलेपन में सुधार करना।


यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लंग्स व्यायाम को सही प्रकार से करना महत्वपूर्ण है, जिससे कि आप अपने पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को  स्वस्बथ बना सकें।

3. * पुश-अप्स * : 

यह व्यायाम छाती और कंधों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।

4. * पुल-अप्स * : 

यह व्यायाम पीठ और बाहों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।


* कार्डियो व्यायाम *


1. * मध्यम तीव्र गति से चलना * :

 यह  दैनिक व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को संतुलित बनाने में उपयोगी है।

2. * दौड़ना खुले प्रांगण में या स्थानीय दौड़ *: 

यह  सामान्य व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को सुन्दर बनाने में सहायता करता है।

3. * साइकिल चलाना * : 

यह व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को सशक्त बनाने में सहायता करता है।


* लोचकता या लचीलेपन के  वर्धन हेतु या संतुलन के व्यायाम *


1. *योग व्यायाम*: 

यह योग व्यायाम शारीरिक लोचकता और संतुलन को अन्य व्यायामों की  अपेक्षा अधिक लाभ करते है और अभ्यास सहज होते हैं। इन्हें सीखें कैसे, इस हेतु ऊपर पुस्तक का नाम दिया गया है।

2. *ताई ची*: 

यह व्यायाम शारीरिक लोचकता और संतुलन को अच्छा बनाने में सहायता करता है। यह चीनी देश का एक प्रकार का व्यायाम होता है।

3. *पिलेट्स*: 

यह व्यायाम लचीलेपन और संतुलन को अच्छा बनाने में सक्षम करता है।पिलेट्स एक प्रकार का व्यायाम है जो शरीर की सुदृढ़ता, लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने के लिए योजित किया गया है। यह व्यायाम जर्मन सैनिक जोसेफ पिलेट्स द्वारा विकसित किया गया था, जिन्होंने इसे "कंट्रोलोलॉजी" नाम दिया था। इसी कारण से इसका पिलेट्स व्यायाम कहते हैं।

पिलेट्स व्यायाम में कई प्रकार के अभ्यास सम्मिलित होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं जैसे :

1. *कोर स्ट्रेंथनिंग*: 

पिलेट्स में कोर मांसपेशियों को टोनयुक्त सशक्त बनाने पर बल दिया जाता है, जिसमें पेट, पीठ और कूल्हे की मांसपेशियां सम्मिलित हैं।

2. *लचीलेपन और संतुलन*: 

पिलेट्स में लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने के लिए विभिन्न अभ्यास किए जाते हैं।

3. *श्वास और ध्यान*: 

पिलेट्स में श्वास और ध्यान को महत्व दिया जाता है, जिससे शरीर और मन को शांति और संतुलन मिलता है।

*इससे होने वाले लाभ*:

पिलेट्स व्यायाम के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित ये हैं:

1. *मांसपेशियों की सुदृढ़ता*: 

पिलेट्स मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।

2. *लचीलेपन और संतुलन में सुधार*: 

पिलेट्स लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने में सहायता करता है।

3. *तनाव और चिंता में कमी*: 

पिलेट्स तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है।

4. *शरीर की आरोग्यता में सुधार*: 

पिलेट्स शरीर की आरोग्यता को अच्छा बनाने में सहायता करता है।

2. *कार्डियो व्यायाम*:

 यह व्यायाम का प्रकार हृदय के लिए विशेष उपयुक्त होते हैं, जिन्हें अंग्रेजी में आजकल कार्डियो व्यायाम के नाम के साथ प्रचलित कर दिया गया है। ये है,कार्डियो व्यायाम, जैसे कि चलना, दौड़ना, और साइकिल चलाना, हृदय स्वास्थ्य को संतुलित बनाने में सहायता करते हैं।


3. *लचीलेपन और संतुलन व्यायाम*: 

लचीलेपन और संतुलन व्यायाम, जैसे कि योग में और ताई ची, सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।


*पोषण और आहार*


1. *प्रोटीन युक्त आहार*: 

प्रोटीन युक्त आहार, जैसे कि दालें , दूध, दही, सोयाबीन, सूखे मेवे, पांचों बीज की गिरियां (कद्दू, खीरा, तरबूज, ककड़ी और लौकी) मांसपेशियों के पुनर्निर्माण और विकास में सहायता करते हैं।

यहाँ एक चार्ट है जो सर्कोपेनिया के लिए विशेष भोजन व्यवस्था को दर्शाता है:


|   भोजन             |      पोषक तत्व     |      मात्रा         |

|       ---              |          ---            |        ---          |

| प्रोटीन युक्त भोजन | प्रोटीन              | 1.2-1.6 ग्राम/                                                  किलोग्राम शरीर भार अनुसार। |

| दूध और दही         |कैल्शियम, विटामिन डी| 2-3 कप/दिन |

| फल और सब्जियाँ | विटामिन, मिनरल   | 5-7 सर्विंग्स/दिन |

| साबुत अनाज       | फाइबर, विटामिन   | 3-5 सर्विंग्स/दिन |

| स्वस्थ वसा     |   ओमेगा-3 फैटी एसिड | 2-3 सर्विंग्स/दिन |

| पानी             |         हाइड्रेशन          | 8-10 गिलास/दिन |


यह चार्ट सर्कोपेनिया के लिए विशेष भोजन व्यवस्था को दर्शाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन, और मिनरल की मात्रा बढ़ाने की योजना दी जाती है। यह भोजन व्यवस्था मांसपेशियों की सुदृढ़ता और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता कर सकती है।

नोट: हां , जो लोग मांसयुक्त प्रोटीन का खाना चाहते हैं वह हल्के प्रकार के मांस बिना तैल और मसाले के बनाकर लें, लेकिन यह हमारी ओर से अनुशंसित नहीं हैं।

2. *विटामिन डी और कैल्शियम*:

 विटामिन डी और कैल्शियम युक्त भोजन, जैसे कि दूध और दही, धूप में बैठने, भ्रमण करना और व्यायाम करना आदि, हड्डियों की सुदृढ़ता बढ़ाने में सहायता करते हैं।

3. * एंटीऑक्सीडेंट्स * : 

एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त भोजन, जैसे कि फल और सब्जियाँ, मांसपेशियों की टूट फूट और निर्माण करने और विकास में सहायता करते हैं।


*चिकित्सा उपचार*


1. *हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी*: 

हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी सर्कोपेनिया के उपचार में विशेष सहायता कर सकती है।

2. * मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाने वाली औषधियां * :

 मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाली औषधियां, जैसे कि टेस्टोस्टेरोन, आयुर्वेद में अश्वगंधा, मूसली और इसके प्रकार, सभी कंदमूल आदि सर्कोपेनिया के उपचार में सहायता कर सकती हैं।

3. *फिजियोथेरेपी*: 

फिजियोथेरेपी सर्कोपेनिया के उपचार में मांसपेशियों का यांत्रिक व्यायाम कराकर उनके बल और उनके कार्य कौशल में वृद्धि कर सकती है और मांसपेशियों की सुदृढ़ता में सुधार कर सकती है।



बुधवार, 13 नवंबर 2024

#सिंहगढ़ किले का इतिहास, रोचक तथ्य और घूमने की आवश्यकता

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 👉 सिंहगढ़ किला महाराष्ट्र के पुणे शहर से लगभग 30 किमी दक्षिण पश्चिम में स्थित एक ऐतिहासिक पहाड़ी किला है। इसका निर्माण लगभग 2000 वर्ष पूर्व हुआ था । पहले इसे कोंढाना के नाम से जाना जाता था, लेकिन 1647 में छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसका नाम सुधार कर सिंहगढ़ रखा ।


👉*सिंहगढ़ किले का इतिहास*👇

सिंहगढ़ किले पर कई युद्ध हुए, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध 1670 में हुई सिंहगढ़ की लड़ाई है । इस लड़ाई में तानाजी मालुसरे ने अपनी वीरता से किले को वापस पाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी । तानाजी की मृत्यु के उपरान्त, उनके भाई सूर्याजी ने किले पर अधिकार कर लिया ।

👉सिंहगढ़ किला महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित एक ऐतिहासिक किला है, जो अपनी विशाल और विशेष स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है। यह किला पुणे नगर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है ।


सिंहगढ़ किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में शिवाजी महाराज द्वारा किया गया था। यह किला मराठा साम्राज्य के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक था। 


👉*सिंहगढ़ किले की विशेषताएं*👇





- *विशाल स्थापत्य*: सिंहगढ़ किले का स्थापत्य विशाल और आकर्षक है, जिसमें कई बुर्ज और द्वार हैं।

- *जल संचयन प्रणाली*: किले में जल संचयन के लिए कई कुएं और जलाशय बनाए गए थे।

- *सैन्य महत्व*: सिंहगढ़ किला मराठा साम्राज्य के सैन्य ठिकानों में से एक था, जो राज्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण था।

- *सांस्कृतिक महत्व*: सिंहगढ़ किला महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


👉*सिंहगढ़ किले के आकर्षण*👇




*किले का संग्रहालय*: किले में एक संग्रहालय है, जिसमें मराठा साम्राज्य के ऐतिहासिक अवशेष और कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। साथ ही तानाजी मालसुरे की स्मृति स्थल, मन्दिर और अन्य विशेष स्मारक हैं।


*किले के बुर्ज*: किले के बुर्ज आकर्षक और विशाल हैं, जो किले की स्थापत्य कला का प्रमाण हैं।

*जलाशय*: किले में जलाशय हैं, जो जल संचयन के लिए बनाए गए थे।

*पिकनिक स्थल*: सिंहगढ़ किला एक आकर्षक पिकनिक स्थल है, जहां पर्यटक पिकनिक मना सकते हैं।

👉*सिंहगढ़ किले कैसे पहुंचें*👇

सिंहगढ़ किला पुणे नगर से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। यहां पहुंचने के लिए आप टैक्सी या बस का उपयोग कर सकते हैं। समय: सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक प्रवेश शुल्क: भारतीय नागरिकों के लिए: ₹50 विदेशी नागरिकों के लिए: ₹100

👉सिंहगढ़ किले में घूमने का समय:👇

सिंहगढ़ किला में भ्रमण के लिए, धरोहर को देखने के लिए प्रातः काल 6 बजे से सायं काल के 5 बजे तक खुला रहता है। मई से जून माह में अत्यधिक गर्मी होने के कारण अत्यधिक असुविधा होती है। शेष माह में आनन्द से भ्रमण का किया जा सकता ह

👉सिंहगढ़ किले का निर्माण का प्रारम्भ:👇

सिंहगढ़ किले का निर्माण लगभग # 2000 वर्ष पूर्व किसके द्वारा कराया गया था, इस तथ्य में विभिन्न मतभेद हैं। कुछ इतिहासकारों के अनुसार, यह किला प्राचीन काल में महाराष्ट्र के राजा बिम्बसार के द्वारा बनाया गया था, जबकि अन्य के अनुसार यह किला राजा शालिवाहन के द्वारा बनाया गया था।

,लेकिन अधिकांश इतिहासकार इस बात से सहमत हैं कि सिंहगढ़ किले का पुनर्निर्माण 17वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा कराया गया था। शिवाजी महाराज ने इस किले को अपने सैन्य ठिकानों में से एक बनाया था और इसका नाम परिवर्तन सिंहगढ़ रखा था।


👉यहाँ कुछ महत्वपूर्ण तिथियाँ हैं:👇


- 2000 वर्ष पूर्व: किले का निर्माण (निर्माता के बारे में मतभेद हैं)।

- 1327-1636: बहामनी और निजामशाही साम्राज्यों के अधीन।

- 1636-1647: आदिलशाही साम्राज्य के अधीन।

- 1647-1680: छत्रपति शिवाजी महाराज और मराठा साम्राज्य के अधीन।

- 1680-1703: औरंगजेब के अधीन।

- 1703-1752: मराठा साम्राज्य के पुनः अधीन।

- 1752-1818: पेशवा बाजीराव के अधीन।

- 1818: ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन।

👉सिंहगढ़ किले के निर्माण में अनुमानित व्यय:👇


सिंहगढ़ किले के निर्माण में व्यय हुए धन की सटीक अभिलेख उपलब्ध नहीं है, क्योंकि यह जानकारी ऐतिहासिक अभिलेखों में अंकित नहीं है। लेकिन, यहाँ कुछ अनुमानित आंकड़े दिए जा रहे है:

👉छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा 1647 में किले के पुनर्निर्माण में लगभग👉 1 लाख रुपये का व्यय हुआ था, जो उस समय के लिए एक बड़ी राशि थी।

18वीं शताब्दी में पेशवा बाजीराव द्वारा किले के पुनर्निर्माण और विस्तार में लगभग 5 लाख रुपये का व्यय हुआ था।

यह ध्यान रखें कि ये आंकड़े अनुमानित हैं और ऐतिहासिक सटीकता के लिए प्रमाणित नहीं हैं।

👉सिंहगढ़ किले पर विजय पाने वाले राजाओं और उनके सेनापतियों की अभिलेखों द्वारा ज्ञात तथ्य निम्नलिखित है:👇




👉1. *छत्रपति शिवाजी महाराज*: तानाजी मालुसरे (सेनापति)

    - युद्ध की अवधि: 15 दिन (फरवरी 1670)।

    - परिणाम: मराठा सेना की विजय।

👉2. *औरंगजेब*: राजा जयसिंह (सेनापति)।

    - युद्ध की अवधि: 6 महीने (1680-1681)।

    - परिणाम: मुगल सेना की विजय।

👉3. *पेशवा बाजीराव*: त्र्यंबकराव (सेनापति)।

    - युद्ध की अवधि: 2 महीने (1720)।

    - परिणाम: मराठा सेना की विजय।


👉यह तथ्य ऐतिहासिक अभिलेखों और पुस्तकों से ली गई है, लेकिन इसकी सटीकता के लिए प्रमाणित नहीं है।सिंहगढ़ किले के सम्बन्ध में ऐतिहासिक तथ्य निम्नलिखित पुस्तकों से लिए गए है:👇


👉1. "महाराष्ट्र का इतिहास" - डॉ. वी. के. राजवाड़े।

👉2. "मराठा साम्राज्य का इतिहास" - डॉ. वी. सी. बेंद्रे।

👉3. "छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन और कार्य" - डॉ. ग. ह. खरे।

👉4. "पेशवा बाजीराव और मराठा साम्राज्य" - डॉ. स. न. बनहट्टी।

👉5. "भारत का इतिहास" - आर. सी. मजूमदार।

👉6. "महाराष्ट्र के किले" - डॉ. य. डी. फड़के।

👉7. "सिंहगढ़ किला और इसका इतिहास" - डॉ. एस. एम. मिरजकर।


इन पुस्तकों के अतिरिक्त, अन्य ऐतिहासिक अभिलेखों और ऑनलाइन संसाधनों से भी सामग्री ली गई है।

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