✍️ सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में कमी आती है। यह लेख इस समस्या के बारे में जागरूकता को प्रसारित में सहायता करता है और इसके निवारण के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देता है।
मुख्य बिंदु:
1. खड़े रहने और चलने का स्वभाव बनाए रखना चा और रीहिए।
2. अधिक बैठने और लेटने से बचना चाहिए।
3. चिकित्सालय में प्रवेशित रोगियों को अधिक विश्राम करने का परामर्श न दें।
4. सरकोपेनिया ऑस्टियोपोरोसिस से भी अधिक हानिकर है।
06. नियमित व्यायाम करना और पैदल चलना अति आवश्यक है।
7. पै211रों को सक्रिय और सशक्त रखना आवश्यक है।को0प्पपप0ओ9ओ आ
सुझाव:
- सीढ़ियाँ चढ़ना और उतरना नियमित करें।
- हल्की दौड़ भाग करते रहे।
- साइकिल चलाना, अभ्यास में डालें।, प्रतिदिन 30-40 मिनट टहलना।
सर्कोपीनिया के सम्बन्ध में कुछ सशक्त प्रमाण यह हैं :
1. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, सर्कोपीनिया एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में कमी आती रहती है।
2. अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (American Geriatrics Society) के अनुसार, सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% तक पाई गई है।
3. एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया से पीड़ित लोगों में मृत्यु दर 10-20% अधिक होती है। (स्रोत: Journal of Gerontology)
4. एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम करने से सर्कोपीनिया की दर में 30-50% की कमी आती है। (स्रोत: Journal of Aging Research)
5. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ जाती है।
इन प्रमाणों से यह स्पष्ट होता है कि सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में कमी लाती है, लेकिन नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
यहाँ कुछ वैज्ञानिक अनुसंधान हैं जो सर्कोपीनिया के सम्बन्ध में तथ्य प्रदान करते हैं :
1. *नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग (NIA)*
द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया की समस्या आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में क्षरण के कारण होती है। (स्रोत: NIA, 2019)
2. *जर्नल ऑफ जरियाट्रिक्स*
में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित व्यायाम करने से सर्कोपीनिया की दर में 30-50% की कमी लाई जा सकती है। (स्रोत: Journal of Geriatrics, 2018)
3. *अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (AGS)*
द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% है। (स्रोत: AGS, 2019)
4. *विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)*
द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ती है। (स्रोत: WHO, 2018)
5. *जर्नल ऑफ एजिंग रिसर्च*
में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि सर्कोपीनिया से पीड़ित लोगों में मृत्यु दर 10-20% अधिक होती है। (स्रोत: Journal of Aging Research, 2017)
इन वैज्ञानिक अनुसंधानों से यह स्पष्ट होता है कि सर्कोपीनिया एक गंभीर समस्या है जो आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में ह्रास के कारण होती है, लेकिन नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि से इस समस्या को कम किया जा सकता है।
यहाँ कुछ अन्य अनुसंधान डेटा हैं जो सर्कोपीनिया से संबंधित हैं:
*जर्नल ऑफ जरियाट्रिक्स*
- शीर्षक: "सर्कोपीनिया की दर और इसके परिणामों का अध्ययन"
- वर्ष: 2018
- परिणाम:
सर्कोपीनिया की दर 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में 5-13% है।
- स्रोत: doi: 10.1093/gerona/gly044
*नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI)*
- शीर्षक: "सर्कोपीनिया और आयु बढ़ने के बीच संबंध"
- वर्ष: 2020
- परिणाम :
सर्कोपीनिया आयु बढ़ने के साथ-साथ कंकाल की मांसपेशियों की शक्ति में ह्रास के कारण होता है।
- स्रोत: doi: 10.1038/s41598-020-67244-4
*अमेरिकन जरियाट्रिक्स सोसाइटी (AGS)*
- शीर्षक: "सर्कोपीनिया की पहचान और प्रबंधन"
- वर्ष: 2019
- परिणाम :
सर्कोपीनिया की पहचान और प्रबंधन के लिए नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण है।
- स्रोत: doi: 10.1111/jgs.15855
*विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)*
- शीर्षक: "आयु बढ़ने और शारीरिक गतिविधि का सम्बन्ध"
- वर्ष: 2018
- परिणाम:
शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपीनिया की समस्या बढ़ती है।
- स्रोत: doi: 10.2471/BLT.18.211446
इस लेख को अपने 40 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठजन, मित्रों और संबंधियों को अवश्य भेजें जिससे कि वे इस समस्या से जागरूक हो सकें और इसके निवारण के लिए उपचार का उपाय कर सकें।
सर्कोपेनिया समस्या के उपाय निम्नलिखित हैं:
* जीवनशैली में परिवर्तन करें *
1. *नियमित व्यायाम*:
सर्कोपेनिया को रोकने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए नियमित व्यायाम अति महत्वपूर्ण है।
2. *शारीरिक गतिविधि*:
शारीरिक गतिविधि की कमी से सर्कोपेनिया की समस्या बढ़ती है, इसलिए नियमित शारीरिक गतिविधि करना आवश्यक है।
3. *स्वस्थ और संतुलित भोजन *:
स्वस्थ और पौष्टिक भोजन लेने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जो सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।
4. *पर्याप्त नींद*:
पर्याप्त नींद लेने से शरीर को पर्याप्त विश्राम मिलता है और मांसपेशियों की पुनर्निर्माण होता है।
*योग और योग व्यायाम और अन्य गतिविधियाँ*
1. *मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाले व्यायाम*:
मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाले व्यायाम, जैसे कि भार उठाना, सहज पुश-अप्स, और स्क्वाट्स, सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।
सर्कोपेनिया के लिए विशेष उपयोगी योग व्यायाम निम्नलिखित हैं:
जैसे सभी सन्धि योग व्यायाम, लेटकर या बैठकर , इन्हें विस्तार से स्वामी धीरेन्द्र ब्रम्हचारी द्वारा लिखित पुस्तक @ सूक्ष्म एवम् स्थूल शक्ति विकासक क्रियाएं जो क्रमशः संख्या में 48 और 05 हैं।
बिहार योग विद्यालय, मुंगेर, द्वारा प्रकाशित पुस्तक@ "पवनमुक्त आसन" शृंखला के योग व्यायाम, जो हिन्दी भाषा और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है।
उपरोक्त दोनों ही पुस्तक में जो योग व्यायाम दिए गए हैं वह सभी लोग बिना किसी असुविधा के अभ्यास कर सकते हैं।
*मांसपेशियों को शक्तिशाली बनाने वाले कुछ अन्य व्यायाम*
1. *स्क्वाट्स*:
यह व्यायाम पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।
2. * लंग्स * :
यह व्यायाम पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाने में सहायता करता है। लंग्स एक प्रकार का व्यायाम है जो पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को टोनयुक्त बनाने के लिए किया जाता है। यह व्यायाम पैरों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, विशेषकर पैरों के सामने की मांसपेशियों के लिए। लंग्स व्यायाम करने के लिए, आपको निम्नलिखित विधि चरणों का पालन करना होगा :
1. अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई पर रखें।
2. अपने एक पैर को आगे बढ़ाएं और अपने दूसरे पैर को पीछे रखें।
3. अपने आगे के पैर को भूमि पर रखें और अपने पीछे के पैर को उठाएं।
4. अपने आगे के पैर को भूमि पर रखें और अपने पीछे के पैर को नीचे लाएं।
5. इस प्रक्रिया को दोहराएं और अपने पैरों को बदलते रहें।
लंग्स व्यायाम के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख इस प्रकार हैं:
1. पैरों की मांसपेशियों को सशक्त बनाना।
2. कूल्हों की मांसपेशियों को टोनयुक्त बनाना।
3. संतुलन और समन्वय में सुधार और वृद्धि करना।
4. पैरों की लोचकता या लचीलेपन में सुधार करना।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि लंग्स व्यायाम को सही प्रकार से करना महत्वपूर्ण है, जिससे कि आप अपने पैरों और कूल्हों की मांसपेशियों को स्वस्बथ बना सकें।
3. * पुश-अप्स * :
यह व्यायाम छाती और कंधों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।
4. * पुल-अप्स * :
यह व्यायाम पीठ और बाहों की मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।
* कार्डियो व्यायाम *
1. * मध्यम तीव्र गति से चलना * :
यह दैनिक व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को संतुलित बनाने में उपयोगी है।
2. * दौड़ना खुले प्रांगण में या स्थानीय दौड़ *:
यह सामान्य व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को सुन्दर बनाने में सहायता करता है।
3. * साइकिल चलाना * :
यह व्यायाम हृदय स्वास्थ्य को सशक्त बनाने में सहायता करता है।
* लोचकता या लचीलेपन के वर्धन हेतु या संतुलन के व्यायाम *
1. *योग व्यायाम*:
यह योग व्यायाम शारीरिक लोचकता और संतुलन को अन्य व्यायामों की अपेक्षा अधिक लाभ करते है और अभ्यास सहज होते हैं। इन्हें सीखें कैसे, इस हेतु ऊपर पुस्तक का नाम दिया गया है।
2. *ताई ची*:
यह व्यायाम शारीरिक लोचकता और संतुलन को अच्छा बनाने में सहायता करता है। यह चीनी देश का एक प्रकार का व्यायाम होता है।
3. *पिलेट्स*:
यह व्यायाम लचीलेपन और संतुलन को अच्छा बनाने में सक्षम करता है।पिलेट्स एक प्रकार का व्यायाम है जो शरीर की सुदृढ़ता, लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने के लिए योजित किया गया है। यह व्यायाम जर्मन सैनिक जोसेफ पिलेट्स द्वारा विकसित किया गया था, जिन्होंने इसे "कंट्रोलोलॉजी" नाम दिया था। इसी कारण से इसका पिलेट्स व्यायाम कहते हैं।
पिलेट्स व्यायाम में कई प्रकार के अभ्यास सम्मिलित होते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख हैं जैसे :
1. *कोर स्ट्रेंथनिंग*:
पिलेट्स में कोर मांसपेशियों को टोनयुक्त सशक्त बनाने पर बल दिया जाता है, जिसमें पेट, पीठ और कूल्हे की मांसपेशियां सम्मिलित हैं।
2. *लचीलेपन और संतुलन*:
पिलेट्स में लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने के लिए विभिन्न अभ्यास किए जाते हैं।
3. *श्वास और ध्यान*:
पिलेट्स में श्वास और ध्यान को महत्व दिया जाता है, जिससे शरीर और मन को शांति और संतुलन मिलता है।
*इससे होने वाले लाभ*:
पिलेट्स व्यायाम के कई लाभ हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख निम्नलिखित ये हैं:
1. *मांसपेशियों की सुदृढ़ता*:
पिलेट्स मांसपेशियों को सशक्त बनाने में सहायता करता है।
2. *लचीलेपन और संतुलन में सुधार*:
पिलेट्स लचीलेपन और संतुलन को बढ़ाने में सहायता करता है।
3. *तनाव और चिंता में कमी*:
पिलेट्स तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है।
4. *शरीर की आरोग्यता में सुधार*:
पिलेट्स शरीर की आरोग्यता को अच्छा बनाने में सहायता करता है।
2. *कार्डियो व्यायाम*:
यह व्यायाम का प्रकार हृदय के लिए विशेष उपयुक्त होते हैं, जिन्हें अंग्रेजी में आजकल कार्डियो व्यायाम के नाम के साथ प्रचलित कर दिया गया है। ये है,कार्डियो व्यायाम, जैसे कि चलना, दौड़ना, और साइकिल चलाना, हृदय स्वास्थ्य को संतुलित बनाने में सहायता करते हैं।
3. *लचीलेपन और संतुलन व्यायाम*:
लचीलेपन और संतुलन व्यायाम, जैसे कि योग में और ताई ची, सर्कोपेनिया को रोकने में सहायता करते हैं।
*पोषण और आहार*
1. *प्रोटीन युक्त आहार*:
प्रोटीन युक्त आहार, जैसे कि दालें , दूध, दही, सोयाबीन, सूखे मेवे, पांचों बीज की गिरियां (कद्दू, खीरा, तरबूज, ककड़ी और लौकी) मांसपेशियों के पुनर्निर्माण और विकास में सहायता करते हैं।
यहाँ एक चार्ट है जो सर्कोपेनिया के लिए विशेष भोजन व्यवस्था को दर्शाता है:
| भोजन | पोषक तत्व | मात्रा |
| --- | --- | --- |
| प्रोटीन युक्त भोजन | प्रोटीन | 1.2-1.6 ग्राम/ किलोग्राम शरीर भार अनुसार। |
| दूध और दही |कैल्शियम, विटामिन डी| 2-3 कप/दिन |
| फल और सब्जियाँ | विटामिन, मिनरल | 5-7 सर्विंग्स/दिन |
| साबुत अनाज | फाइबर, विटामिन | 3-5 सर्विंग्स/दिन |
| स्वस्थ वसा | ओमेगा-3 फैटी एसिड | 2-3 सर्विंग्स/दिन |
| पानी | हाइड्रेशन | 8-10 गिलास/दिन |
यह चार्ट सर्कोपेनिया के लिए विशेष भोजन व्यवस्था को दर्शाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन, और मिनरल की मात्रा बढ़ाने की योजना दी जाती है। यह भोजन व्यवस्था मांसपेशियों की सुदृढ़ता और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता कर सकती है।
नोट: हां , जो लोग मांसयुक्त प्रोटीन का खाना चाहते हैं वह हल्के प्रकार के मांस बिना तैल और मसाले के बनाकर लें, लेकिन यह हमारी ओर से अनुशंसित नहीं हैं।
2. *विटामिन डी और कैल्शियम*:
विटामिन डी और कैल्शियम युक्त भोजन, जैसे कि दूध और दही, धूप में बैठने, भ्रमण करना और व्यायाम करना आदि, हड्डियों की सुदृढ़ता बढ़ाने में सहायता करते हैं।
3. * एंटीऑक्सीडेंट्स * :
एंटीऑक्सीडेंट्स युक्त भोजन, जैसे कि फल और सब्जियाँ, मांसपेशियों की टूट फूट और निर्माण करने और विकास में सहायता करते हैं।
*चिकित्सा उपचार*
1. *हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी*:
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी सर्कोपेनिया के उपचार में विशेष सहायता कर सकती है।
2. * मांसपेशियों को सुदृढ़ बनाने वाली औषधियां * :
मांसपेशियों को सशक्त बनाने वाली औषधियां, जैसे कि टेस्टोस्टेरोन, आयुर्वेद में अश्वगंधा, मूसली और इसके प्रकार, सभी कंदमूल आदि सर्कोपेनिया के उपचार में सहायता कर सकती हैं।
3. *फिजियोथेरेपी*:
फिजियोथेरेपी सर्कोपेनिया के उपचार में मांसपेशियों का यांत्रिक व्यायाम कराकर उनके बल और उनके कार्य कौशल में वृद्धि कर सकती है और मांसपेशियों की सुदृढ़ता में सुधार कर सकती है।

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