# माता कात्यायनी नवरात्रि# के कालखंड में पूजे जाने वाली नौ देवियों माताओं में से छठी माता हैं। नवरात्रि के छठे दिन माता कात्यायनी की पूजा की जाती है।
माता कात्यायनी का वर्णन इस प्रकार है:
- माता कात्यायनी का नाम कात्यायन ऋषि के नाम से लिया गया है, जिन्होंने माता की पूजा की थी।
- माता कात्यायनी को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है।
- माता कात्यायनी की चार भुजाएं हैं, जिनमें से दो भुजाओं में खड्ग और कमल का फूल है।
- माता कात्यायनी का वाहन सिंह है।
- माता कात्यायनी की आराधना करने से भक्तों को साहस, शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है।
माता कात्यायनी की साधना के लिए मंत्र:
*श्लोक:*
"कात्यायनी शुभं ददातु, चंद्र्हासोज्ज्वला योगम्।
सुरासम्पूर्णकलाशं, रुद्राणी मृत्युभयं हरेत्।"
*अर्थ:*
"माता कात्यायनी हमें शुभ और सुख प्रदान करें, उनकी चंद्र जैसी प्रभा से हमें शक्ति मिले, वे हमें मृत्यु के भय से मुक्त करें और हमें सम्पूर्ण सुख प्रदान कर मोक्ष प्रदान करें।"
*मंत्र:*
"ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिनी महेश्वरी।
नमस्तस्यै। नमस्तस्यै। नमस्तस्यै नमो नमः।।"
*साधना विधि:*
1. नवरात्रि के छठे दिन प्रातः स्नान करें और साधना स्थल पर बैठें।
2. माता कात्यायनी का चित्र या मूर्ति को साधना स्थल पर रखें।
3. माता कात्यायनी को फूल, फल, और अन्य आराधना सामग्री अर्पित करें।
4. माता कात्यायनी के मंत्र का स्तवन करें।
5. माता कात्यायनी की आरती करें।
*आरती:*
"जय माता कात्यायनी जय माता कात्यायनी,
सुख-समृद्धि दायिनी माता कात्यायनी।
चंद्र्हासोज्ज्वला योगम्, कात्यायनी शुभं ददातु,
जय माता कात्यायनी जय माता कात्यायनी।"
माता कात्यायनी के बारे में कुछ अन्य प्रमाण यह हैं:
*पुराणों में वर्णन*
- देवी भागवत पुराण में माता कात्यायनी का वर्णन है: "कात्यायनी शक्तिरूपा देवी" (देवी भागवत पुराण, अध्याय 5, श्लोक 11)
- शिव पुराण में माता कात्यायनी का वर्णन है: "कात्यायनी महामाये महायोगिनी" (शिव पुराण, अध्याय 23, श्लोक 10-11)
*उपनिषदों में वर्णन*
- कात्यायनी उपनिषद में माता कात्यायनी का वर्णन है: "कात्यायनी परा शक्ति" (कात्यायनी उपनिषद, अध्याय 1, श्लोक 1)
*मंत्रों में वर्णन*
- माता कात्यायनी का मंत्र है: "ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिनी महेश्वरी"
- माता कात्यायनी का अन्य मंत्र है: "ॐ श्रीं कात्यायनी नमः"
*अन्य ग्रंथों में वर्णन*
- महानिर्वाण तन्त्र में माता कात्यायनी का वर्णन है: "कात्यायनी शक्तिरूपा देवी" (महानिर्वाण तन्त्र, अध्याय 13, श्लोक 15)
- ब्रह्म वैवर्त पुराण में माता कात्यायनी का वर्णन है: "कात्यायनी महामाये महायोगिनी" (ब्रह्म वैवर्त पुराण, अध्याय 44, श्लोक 12-13)
इन प्रमाणों से ज्ञात होता है कि माता कात्यायनी शक्ति और साहस की देवी हैं और उनकी साधना करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और आत्मविश्वास मिलता है।
ॐ माता कात्यायनी नमो नमः।।


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