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| सभी माताओं का एक स्वरूप, माता सिद्धदात्री |
माता कालरात्रि का नाम उनके कृष्ण रंग और रात्रि के समय में उनकी शक्ति के कारण पड़ा है। यहाँ कुछ कारण हैं:
1. कृष्ण रंग का अर्थ: जो अज्ञानता और अविद्या को नष्ट करने का वाला है, और माता कालरात्रि अज्ञानता को नष्ट करने वाली देवी हैं।
2. रात्रि का समय: रात्रि का समय सबसे अधिक अंधकारमय समय होता है, लेकिन माता कालरात्रि इस अंधकार को नष्ट करने वाली देवी हैं।
3. शक्ति और साहस: माता कालरात्रि को शक्ति और साहस की देवी माना जाता है, जो अपने भक्तों को सुरक्षा और साहस प्रदान करती हैं।
4. समय का नियंत्रण: कालरात्रि का अर्थ समय की रात्रि भी है, जो समय के चक्र को नियंत्रित करने वाली देवी हैं।
माता कालरात्रि के बारे में पुराणों और उपनिषदों में वर्णन है:
- देवी भागवत पुराण में कहा गया है: "कालरात्रि शक्तिरूपा देवी" (देवी भागवत पुराण, अध्याय 5, श्लोक 12)
- शिव पुराण में कहा गया है: "कालरात्रि महामाये महायोगिनी" (शिव पुराण, अध्याय 23, श्लोक 12-13)
माता कालरात्रि की साधना करने से भक्तों को शक्ति, साहस, और सुरक्षा मिलती है।
माता कालरात्रि नवरात्रि के सप्तम दिवस को पूजे जाने वाली देवी माता हैं। उनका वर्णन इस प्रकार है:
*श्लोक:*
"कालरात्रि शक्तिरूपा देवी,महामाये महायोगिनी।
स्मरणात् सर्वदुरितानि,नाशयति त्वं नमोस्तुते।"
*अर्थ:*
"हे माता कालरात्रि, आप शक्ति की देवी हैं, महामाया और महायोगिनी हैं। आपका स्मरण करने से सभी दुर्गुणों और दुर्दशाओं का का नाश होता है, आपको नमस्कार है।"
*मंत्र:*
"ॐ कालरात्रि महामाये महायोगिनी महेश्वरी।
नमस्तस्यै। नमस्तस्यै। नमस्तस्यै नमो नमः।"
*साधना विधि:*
1. नवरात्रि के सप्तम दिवस सुबह स्नान करें और साधना स्थल पर बैठें।
2. माता कालरात्रि का चित्र या मूर्ति को साधना स्थल पर रखें।
3. माता कालरात्रि को फूल, फल, और अन्य पूजा सामग्री अर्पित करें।
4. माता कालरात्रि के मंत्र का स्तवन करें।
5. माता कालरात्रि की आरती करें।
*आरती:*
"जय माता कालरात्रि जय माता कालरात्रि,
सुख-समृद्धि दायिनी माता कालरात्रि।
सर्वदुरितानि नाशयति त्वं,
जय माता कालरात्रि जय माता कालरात्रि।"
माता कालरात्रि की साधना करने से भक्तों को शक्ति, साहस, और सुरक्षा मिलती है।
माता कालरात्रि के बारे में कुछ अन्य प्रमाण यह हैं:
पुराणों में वर्णन:
- देवी भागवत पुराण में कहा गया है: "कालरात्रि शक्तिरूपा देवी" (देवी भागवत पुराण, अध्याय 5, श्लोक 12)
- शिव पुराण में कहा गया है:
"कालरात्रि महामाये महायोगिनी।।"
(शिव पुराण, अध्याय 23, श्लोक 12-13)
- ब्रह्म वैवर्त पुराण में कहा गया है: "कालरात्रि शक्ति रूपिणी।।" (ब्रह्म वैवर्त पुराण, अध्याय 44, श्लोक 15)
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| । माता कालरात्रि का स्वरूप और वाहन। |
उपनिषदों में वर्णन:
- काली उपनिषद में कहा गया है: "कालरात्रि परा शक्ति"
(काली उपनिषद, अध्याय 1, श्लोक 1)
- त्रिपुरा उपनिषद में कहा गया है: "कालरात्रि महामाया"
(त्रिपुरा उपनिषद, अध्याय 2, श्लोक 2)
मंत्रों में वर्णन:
- माता कालरात्रि का मंत्र है:
"ॐ कालरात्रि महामाये महायोगिनी महेश्वरी।।"
- माता कालरात्रि का अन्य मंत्र है:
"ॐ श्रीं कालरात्रि नमः।।"
अन्य ग्रंथों में वर्णन:
- महानिर्वाण तन्त्र में कहा गया है:
"कालरात्रि शक्तिरूपा देवी"
(महानिर्वाण तन्त्र, अध्याय 13, श्लोक 15)
- तन्त्र राज तन्त्र में कहा गया है:
"कालरात्रि महामाये महायोगिनी"
(तन्त्र राज तन्त्र, अध्याय 5, श्लोक 10)
इन प्रमाणों से ज्ञात होता है कि माता कालरात्रि शक्ति और साहस की देवी हैं और उनकी साधना करने से भक्तों को सुख, समृद्धि और सुरक्षा मिलती है।




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